शीत युद्ध की देन हैं 'तीसरी दुनिया के देश', अमेरिका क्यों कर रहा इन पर रोक लगाने की तैयारी?

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Posted On:Saturday, November 29, 2025

वाशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी और विवादास्पद आव्रजन नीति लागू करने का संकेत दिया है, जिसके तहत उन देशों से लोगों के अमेरिका आने पर रोक लगाने की योजना है, जिन्हें वह 'थर्ड वर्ल्ड' या 'तीसरी दुनिया के देश' बताते हैं। वाशिंगटन में एक अफगान नागरिक द्वारा कथित तौर पर दो नेशनल गार्ड सैनिकों को गोली मारने की घटना के बाद ट्रंप ने इस योजना की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन की यह योजना, विशेष रूप से गरीब या अविकसित राष्ट्रों के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश को अत्यंत कठिन बना सकती है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नया विवाद खड़ा होने की संभावना है।

शीत युद्ध से उपजी 'तीसरी दुनिया' की अवधारणा

'तीसरी दुनिया' की अवधारणा मूल रूप से शीत युद्ध (Cold War) के दौरान अस्तित्व में आई थी। उस समय, दुनिया मुख्य रूप से दो प्रमुख गुटों में विभाजित थी:

  1. प्रथम विश्व (First World): अमेरिका-समर्थित, लोकतांत्रिक और औद्योगिक पश्चिमी ब्लॉक के देश।

  2. द्वितीय विश्व (Second World): सोवियत संघ के नेतृत्व वाले साम्यवादी-समाजवादी पूर्वी ब्लॉक के देश।

इन दोनों गुटों से अलग, तटस्थ राष्ट्र और अधिकांश अविकसित, कृषि प्रधान देश जो एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में स्थित थे, उन्हें तृतीय विश्व (Third World) के रूप में वर्गीकृत किया गया था।

तृतीय विश्व में शामिल थे: अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के वे सभी राष्ट्र जो किसी भी सैन्य गुट से संबंधित नहीं थे।

प्रथम विश्व में शामिल थे: उत्तरी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और कुछ तटस्थ यूरोपीय देश जैसे स्विट्जरलैंड, स्वीडन, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड।

द्वितीय विश्व में शामिल थे: सोवियत गणराज्य, पूर्वी जर्मनी, चीन, उत्तर कोरिया, वियतनाम आदि।

19 'चिंताजनक राष्ट्रों' पर पहले से सख्ती

ट्रंप प्रशासन की इस नई योजना की पृष्ठभूमि में, अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के निदेशक जोसेफ एडलो ने संकेत दिया है कि 'चिंताजनक देश' (Concerning Countries) से आए हर विदेशी नागरिक के ग्रीन कार्ड की कठोर जांच का आदेश दिया गया है। एडलो के बयान में जिस सूची का ज़िक्र किया गया, वह जून के कार्यकारी आदेश में परिभाषित की गई थी, जिसमें 19 देशों को 'चिंताजनक देशों' के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। इस आदेश ने पहले ही निम्नलिखित राष्ट्रों के नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी या आंशिक प्रतिबंध लगाए थे:

  • पूर्ण प्रतिबंध: अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो-ब्राजाविल, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन।

  • आंशिक प्रतिबंध: बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेज़ुएला।

ट्रंप की यह घोषणा संकेत देती है कि भविष्य में, 'तृतीय विश्व' शब्द के दायरे में आने वाले अन्य देशों को भी इस प्रतिबंध सूची में जोड़ा जा सकता है, जिससे अमेरिकी इमिग्रेशन नीति में एक बड़ा भू-राजनैतिक बदलाव आएगा।


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